शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के भैंसवाल गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया है. इस महापंचायत में मुख्य अतिथि के तौर पर आरएलडी के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी शिरकत करेंगे. बताया जा रहा है कि इस महापंचायत को प्रशासन ने इजाजत नहीं दी है, बावजूद इसके किसान महापंचायत का आयोजन कर रहे हैं. महापंचात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद में लगा हुआ है. यहां भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है.

शांतिपूर्ण ढंग से रखेंगे बात
शामली में होने वाली महापंचायत में किसान और आरएलडी के तमाम नेता शामिल होंगे. कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है. पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात करने के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी फोर्स मंगाई गई है. एबीपी गंगा ने जब किसानों से पूछा कि जब प्रशासन ने महापंचायत की इजाजत नहीं दी है उसके बावजूद महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है तो किसानों ने कहा कि अपनी बात रखने के लिए किसानों को किसी इजाजत की जरूरत नहीं है. हम अपने दुख-दर्द को बांटने के लिए इस महापंचायत का आयोजन कर रहे हैं. हम कोई कानून व्यवस्था बिगाड़ने या हिंसा फैलाने के पक्ष में नहीं हैं. किसान शांतिपूर्ण ढंग से यहां पंचायत कर अपनी बात को रखेंगे और फिर घर जाएंगे.

आंदोलन को धार देने की तय होगी रणनीति
बता दें कि, महापंचायत में कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को धार देने के लिए रणनीति तय होगी. साथ ही 6 फरवरी को राकेश टिकैत ने जो चक्का जाम का आह्वान किया है उसे कैसे सफल बनाया जाए इसकी रणनीति भी तय की जाएगी. प्रशासन भी इस महापंचायत को लेकर पूरी तरह से सतर्क दिख रहा है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है.


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