सद्गुण ही अच्छे चरित्र और मजबूत व्यक्तित्व का आधार: श्याम बिहारी
-शक्तिपीठों, मंदिरों और तीर्थस्थलों पूजन के बाद गायत्री शक्तिपीठ हुई नर्मदेश्वर महाकाल की प्राण प्रतिष्ठा
-डाॅ. वीरपाल सिंह सोलंकी ने किया रुद्राभिषेक, सुशील कुमार गुप्ता ने सपत्नीक किया पूजन।

बदायूं। गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर वेदमंत्रोच्चारण के साथ नर्मदेश्वर महाकाल की प्राण प्रतिष्ठा हुई इसके बाद रुद्राभिषेक हुआ। हर हर महादेव के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा। गायत्री महायज्ञ में आत्मीय परिजनों ने सूक्ष्म जगत के परिशोधन के लिए गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित कीं। विवाह संस्कार भी हुआ। शाम को हुए विराट दीपयज्ञ में मातृशक्तियों और देवकन्याओं ने हजारों दीप प्रज्ज्वलित किए। दीपकों की झिलमिलाती रोशनी आकर्षण का केंद्र रही।

शांतिकुंज हरिद्वार से अंतर्राष्ट्रीय प्रज्ञा पुराण कथावाचक श्याम बिहारी दुवे ने कहा कि सद्गुण ही अच्छे चरित्र और मजबूत व्यक्तित्व का आधार है। सद्गुणों की उपत्ति दृष्टिकोण के परिवर्तन से होती है। बच्चों में सद्गुणों के बीज बोएं और सर्वोत्तम संस्कारों से सींचे, सुगंधित वातावरण बनाएं। व्यक्ति ऋषियों की यज्ञीय परंपरा को भूलता जा रहा है। श्रेष्ठ संस्कारों के अभाव और दूषित चिंतन से नरकीय जीवन जी रहा है। युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने गायत्री मंत्र को जन-जन तक पहंुचाकर व्यक्ति में श्रेष्ठ संस्कार, उत्कृष्ट चिंतन, सद्भाव जाग्रत कर मानव में देवत्व का उदय किया। गुरु व्यक्ति नहीं, शक्ति हैं। जो अंधकारमय जीवन को प्रकाशित करती है।
शांतिकंुज के हरी चैधरी, मनीष साहू ने होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से प्रज्ञा गीत की शानदार प्रस्तुति दी गई।

शहर के सुप्रसिद्ध बिरुआबाड़ी मंदिर, हर प्रसाद मंदिर, नगला सिद्ध मां काली शक्तिपीठ, गौरी शंकर मंदिर, पीडब्ल्यूडी के शिव मंदिर और तीर्थ स्थलों के दर्शन और पूजन के बाद गायत्री शक्तिपीठ पर प्रातःकाल वेदमंत्रोच्चारण के साथ नर्मदेश्वर महाकाल की प्राण प्रतिष्ठा हुई। दुग्ध, दही, घी, सर्वौषधि, कुशोदक, गोबर, गोमूत्र, शहद, रज, गंगा जल से नर्मदेश्वर महाकाल को स्नान कराया गया। डाॅ. वीरपाल सिंह ने रुद्राभिषेक और सुशील कुमार गुप्ता उनकी पत्नी विमला माहेश्वरी ने पूजन किया। नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने मां गायत्री, वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य, वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा ने पूजन किया।
इस मौके पर संरक्षक सुरेंद्र नाथ शर्मा, अनिल कुमार राठौर, नरेंद्र पाल शर्मा, डीपी सिंह, सुखपाल शर्मा, रामचंद्र प्रजापति, कालीचरन पटेल, मदनलाला झा, रघुनाथ सिंह, संजीव कुमार, बालक राम, तुलसी राम रावत, दिनेश गुप्ता, उपदेश गुप्ता, शिवंवदा सिंह, चंद्रपाल, दाताराम, धर्मपाल, सुदीप चैहान, रज्जन सिंह, डाॅ. जितेंद्र सिंह, राजेश्वरी, आदि मौजद रहीं।

रिपोटर – निर्दोष शर्मा


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