Syndicate company of liquor mafia is active in Budaun district

नकली शराब बनाने के झूठे मुकदमे में यशपाल सिंह को फसाया गया।अपने आप को सरेंडर करने से पूर्व यशपाल सिंह ने किए कई बड़े खुलासे जिसमें उसने कंपनी के संचालक पंकज खुराना, ज्योति मेंहदीरत्ता,आहूजा के नाम का खुलासा खुलासा किया। आबकारी विभाग की मिलीभगत से शराब की दुकानों को सिंडिकेट बनाकर चला रहे है बता दे यह शराब माफिया अवैध तरीके से शराब की दुकानों को हड़प लेते हैं और एक सिंडिकेट कंपनी के संचालित द्वारा करते है और ओवर रेट और नकली शराब का कारोबार की कई वीडियो सोशल मीडिया और न्यूज़ पर वायरल हो चुकी है
आबकारी विभाग इन माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता।
ओवर रेट की कई बार शिकायत हो चुकी हैं लेकिन आबकारी विभाग की मिलीभगत से इन सिंडीकेट दुकानदारों का कुछ भी नहीं होता और वे बेखौफ ओवर रेट और नकली शराब बेचते है। यह शराब माफिया शराब की दुकानों को पैसे देकर अपने हिसाब से संचालित करते हैं और यदि कोई शराब व्यापारी उन्हें दुकान नहीं देता है तो उस दुकान के आसपास कम रेट में शराब बेचकर या उन दुकानदारों को झूठे मुकदमों में फंसा देते है और हड़प लेते हैं उनकी दुकान
यदि कोई सिंडीकेट कम्पनी की शिकायत करता है तो उसे झूठे मुकदमो में फसा देते है यशपाल सिंह को भी सिंडिकेट कंपनी की शिकायत करवाना पड़ा भारी और कई झूठे मुकदमों का करना पड़ा सामनायसपाल सिंह ने बुदायूं जिला अस्पताल मे जाकर खुद पुलिस को सूचना देकर सरेंडर किया था
सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस ने यशपाल सिंह को जिला अस्पताल से अपनी हिरासत में लिया था।

रिपोर्टर लवकेश गुप्ता


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